धारा 354 आईपीसी क्या है इसके बचने के उपाय पूरी जानकारी

नमस्कार दोस्तो

हम बात करने जा रहे हैं धारा 354 भारतीय दंड  संहिता की यह एक महत्वपूर्ण जानकारी है इससे मैं आपको इस लेख के माध्यम से अवगत कराना चाहता हूं आज तक का जो भी मेरा अनुभव रहा है वह इस लेख के माध्यम से मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूं

और ज्यादा से ज्यादा जानकारी आप लोगों तक पहुंचे यही मेरा हमेशा से प्रयत्न रहा है क्या है 354 धारा आईपीसी और कब लगती है धारा 354 आईपीसी की धारा स्त्री की लज्जा भंग करने के ऊपर यह किसी महिलाओं को छेड़छाड़ परेशान आदि करने पर यह धरा लगाई जाती है इसकी हम विस्तार से आपके साथ चर्चा करेंगे।

धारा 354 आईपीसी क्या है इसका विवरण?

354 आईपीसी से तात्पर्य है जब किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्त्री की लज्जा भंग करेगा या किसी स्त्री पर यह सब जानते हुए भी कि इस कार्य से उस स्त्री की लज्जा भंग करेगा या उसी स्तर पर हमला करेगा या बल का प्रयोग करेगा वह व्यक्ति इस धारा के अनुसार दंडित किया जाएगा जिसकी अवधि 1 वर्ष से कम नहीं होगी और 5 वर्ष तक की भी हो सकती है एवं आर्थिक दंड भी दंडनीय होगा। 

साधारण भाषा में इस तरह के अनुसार वही व्यक्ति दंडित होगा जो किसी स्त्री की लज्जा भंग करेगा या किसी स्त्री पर अपराधिक बल का प्रयोग करेगा हमला करेगा छेड़छाड़ करेगा इस प्रकार के कृत्य के लिए इस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा

Whoever assaults or uses criminal force to any woman, intending to outrage or knowing it to be likely that he will there by outrage her modesty1, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than one year but which may extend to five years, and shall also be liable to fine.

अपराध?

यह एक गैर जमानती अपराध है किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचार नहीं है यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है

किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्त्री के लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या बल का प्रयोग करना जिसकी सजा 1 वर्ष से 5 वर्ष तक का कारावास प्लस जुर्माना अथवा दोनों द्वारा दंडनीय होता है

धारा 354-क आईपीसी क्या है लैंगिक उत्पीड़न और लैंगिक उत्पीड़न के लिए दंड?

धारा 354-क से तात्पर्य है इस में लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित कार्य किए जाने पर यह धारा या इस धारा के अनुसार दंडनीय है किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्त्री के इच्छा के खिलाफ अश्लील साहित्य दिखाने या अलैंगिक आवासी टिप्पणियां करें और किसी स्त्री के इच्छा के विरुद्ध किसी भी लैंगिक स्वीकृति के लिए कोई मांग करें ऐसे में धारा 354-क के अंतर्गत दंडनीय होगा। जिसकी अवधि 1 वर्ष तक की हो सकेगी एवं जुर्माना भी या दोनों से दंडनीय किया जाएगा।

धारा 354-ख आईपीसी क्या है निवस्त्र करने के आशय से किसी स्त्री पर हमला करना या बल का प्रयोग करना?

धारा 354-ख से तात्पर्य है अगर किसी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थान पर किसी स्त्री को निर्वस्त्र करने के आशय से हमला करेगा या बल का प्रयोग करेगा ऐसे में धारा 354-ख अंतर्गत दंडनीय होगा जिसकी अवधि 3 वर्ष से कम नहीं होगी अथवा 7 वर्ष तक की हो सकेगी एवं जुर्माना द्वारा भी दंडनीय होगा।

धारा 354-ग आईपीसी क्या है द्रश्य रातिकता?

धारा 354-ग से तात्पर्य है कि अगर किसी व्यक्ति द्वारा किसी प्राइवेट कृत्य में लगी स्त्री को देखना या घूरना या किसी स्त्री के फोटो लेना या उस फोटो को प्रसारित करना इस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा जिसमें अपराधी को अपराध के लिए कम से कम 1 वर्ष तक कारावास और 3 वर्ष तक का भी हो सकेगा अथवा जुर्माने से भी दंडित किया जाएगा।

धारा 354-घ आईपीसी क्या है किसी स्त्री का पीछा करना?

किसी व्यक्ति द्वारा किसी स्त्री का व्यक्तिगत किया अन्य न्याय क्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उस स्त्री की इच्छा के खिलाफ भी उसका पीछा बार बार करता है और उससे संपर्क करता है या संपर्क करने का प्रयत्न करता है वह इस धारा के अंतर्गत दंडनीय होगा जो भी कोई व्यक्ति पीछा करने का अपराध करता है वह भली-भांति 3 वर्ष तक का कारावास हो सकता है एवं जुर्माने द्वारा भी दंडित किया जाएगा।

 निम्नलिखित में से कोई भी कार्य करने वाला व्यक्ति-

(i) अवांछित और स्पष्ट यौन संबंधों से जुड़े शारीरिक संपर्क और अग्रिम; या

(ii) यौन अनुग्रह की मांग या अनुरोध; या

(iii) एक महिला की इच्छा के विरुद्ध अश्लील साहित्य दिखाना; या

(iv) यौन रंगीन टिप्पणी करना, यौन उत्पीड़न के अपराध का दोषी होगा।

(२) कोई भी व्यक्ति जो उप-धारा (१) के खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iii) में निर्दिष्ट अपराध करता है, उसे कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, या ठीक है, या दोनों के साथ।

(३) कोई भी व्यक्ति जो उप-धारा (१) के खंड (iv) में निर्दिष्ट अपराध करता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों के साथ दंडित किया जाएगा।

धारा 354 आईपीसी से बचाव?

धारा 354 एक गंभीर प्रवृत्ति का अपराध है ऐसे में अभियुक्त बचना इससे मुश्किल होता है लेकिन कई मामलों में ऐसा भी देखा गया है कि आपसी रंजिश के लिए किसी महिला द्वारा किसी व्यक्ति के ऊपर धारा 354 की या छेड़छाड़ का केस दर्ज करवा दिया जाता है

ऐसे में धारा 354 आईपीसी का दुरुपयोग हो रहा है चाहे लड़ाई झगड़े को लेकर भी कभी कोई महिला द्वारा धारा का केस दर्ज करवा दिया जाता है ऐसे में अभियुक्त के सामने एक बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है।

अगर आपको पता है कि आपके ऊपर ही झूठी एफ आई आर दर्ज करवाई गई है तो आप को इस अपराध के सबूत इकट्ठे करने होंगे और या तो इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर के समक्ष प्रस्तुत होकर यह सबूत देने होंगे जो कि वह पत्रावली में संलग्न करें ऐसे में जब मामले की जांच अधिकारी द्वारा जांच की जाएगी हो सकता है उसमें भी अगर आपके ऊपर अपराध नहीं बनता है तो जांच अधिकारी द्वारा न्यायालय में एफआर भी पेश की जा सकती है।

और फिर भी आपको ऐसा लगता है इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर आपको एक अभियुक्त की दृष्टि से देखता है तो ऐसे में आपको लगता है कि आप सही हैं और सभी दस्तावेज भी दे दिए गए हैं तो भी आपको कोई लाभ नहीं मिल रहा है तो ऐसे में आपके पास धारा 482 दंड प्रक्रिया संहिता का अधिकार बचता है जो कि आप उच्च न्यायालय के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं

जिसके साथ में सभी पूर्ण रूप से दस्तावेज आपको संलग्न करने होंगे जिससे हो सकता है उच्च न्यायालय द्वारा आपकी f.i.r. क्वश दी जाए अगर आपके पास संपूर्ण सबूत आप के पक्ष में है जैसे कि आपने उस स्थान की सीसीटीवी फुटेज ली हो ऐसे में कहीं छेड़छाड़ नहीं दिख रही हो तो

उच्च न्यायालय द्वारा आपकी f.i.r. को क्वश भी की जा सकती है। या उच्च न्यायालय द्वारा यह भी आदेश दिया जा सकता है कि अभियुक्त की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी जा सकती है ऐसे में अभियुक्त को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं किया जा सकता ज्ञानी की गिरफ्तारी पर स्टे भी आप ले सकते हैं।

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धारा 354 आईपीसी में दंड के प्रावधान क्या है?

धारा 354 आईपीसी में दंड के प्रावधान कुछ इस प्रकार बताए गए हैं किसी स्त्री के साथ इस आशा से छेड़छाड़ करना कि उस कृत्य से उस महिला या स्त्री की लज्जा भंग होगी और उस स्त्री पर हमला करना अपराधिक बल का प्रयोग करना ऐसे के लिए दंड के प्रावधान बताए गए हैं। धारा 354 भारतीय दंड संहिता में दंड के प्रावधान 1 वर्ष से कम का कारावास नहीं होगा किंतु जिसे 5 वर्ष तक का भी किया जा सकता है अथवा जुर्माने द्वारा भी दंडनीय होगा।

 

Offence

Punishment

Assault or use of criminal force to woman with intent to outrage her modesty 1 to 5 years + Fine

Cognizance

Bail

Triable By

Cognizable Non-bailable Any Magistrate

धारा 354 में वकील की क्या भूमिका है?

धारा 354 आईपीसी के अंतर्गत बताया गया है और इसमें हम आपको बताने जा रहे हैं वकील की क्या भूमिका होती है धारा 354 एक गंभीर रूप का अपराध माना जाता है इससे किसी भी स्त्री की लज्जा भंग होने का अपराध माना गया है भारतीय कानून के अनुसार धारा 354 में सजा के प्रावधान दिए गए हैं इसलिए इसमें अभियुक्त का बचना थोड़ा मुश्किल हो जाता है 

इसमें अगर आप को निर्दोष साबित करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एक अधिवक्ता ही या एक वकील ही ऐसा व्यक्ति है

जो आपके लिए या अभियुक्त बचाने के लिए लाभदायक निकल सकता है ऐसे में वकील आपको ऐसा करना है जो कि अपराधिक मामलों में निपुण वकील हो जो बहुत से अपराधिक मुकदमे मैं अभियुक्तों को बड़ी करवा चुके हो और अपराधिक मामलों में पारंगत हो ऐसे वकील को आपको नियुक्त करना होगा । 

और वकील द्वारा दी गई अदालत में दलील ओ द्वारा और गवाहों से जी रहे करने से हो सकता है आपको वकील बड़ी करवा दें गवाहों के अभाव में और अच्छी दलितों द्वारा वकील ही एक ऐसा व्यक्ति साबित होगा जो आपको इस मुकदमे से बरी करवा सकता है इसलिए धारा 354 में वकील की भूमिका अहम होती है

Mylegaladvice ब्लॉग पर आने के लिए यहाँ पे ब्लॉग पढ़ने के लिए मैं आपका तह दिल से अभारी रहूंगा और आप सभी साथीयो दोस्तो का मैं बहुत बहुत धन्यवाद करता हु इस ब्लॉग के संबंध मे आपका कोई ही सवाल है जिसका जवाब जानने के आप इछुक है तो आप कमेंट बॉक्स मैं मूझसे पुछ सकते है।।

 

13 thoughts on “धारा 354 आईपीसी क्या है इसके बचने के उपाय पूरी जानकारी”

  1. Sir. Mere upar 354a lagaya h aur mere pas 9 mahila ke affidavit h jo us mahila ki jethani h vo bhi mere sath h aur police bhi mere sath h .kyu ki purani ranjis ke sath phasaya h me nirdos hu. Kya kru please btaye.
    Contact mo. 8318640801

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  2. Ram ram ji
    Sir ek non govt group jo ke kuch महिलाओं का समूह है जिसमे मेरी पत्नी भी सदस्य है
    इसमें मेरी पत्नी k sath समूह की कुछ अन्य लेडीज द्वारा ज्यादती की गई जिसकी कंप्लेंट मेरी पत्नी ने गृह मंत्री जी को की
    बाद जांच उन लेडीज पर एफ आई आर दर्ज हुई147 148 417 506 धारा
    अब उन लेडीज ने मेरी वाइफ पर दबाव बनाने k liye मेरे उपर झूठे आरोप लगा कर थाने में comlaint दे दी जिसके लिए थानेदार ने मुझे बताया की354 धारा के झूठे आरोप लगाए गए है
    मैं केंद्रीय कर्मचारी hu ji
    Ye षडयंत्र केवल मेरी पत्नी को कमजोर करने डराने की नियत से मुझ पर बिलकुल झूठे आरोप है ताकि मेरी जॉब को नुकसान किया जा सके
    कृपया मेरी मदद कीजिए

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