पास्को एक्ट क्या है? What is POCSO Act? 1 पूरी जानकारी

 पास्को एक्ट क्या है? What is POCSO Act?

नमस्कार दोस्तों कैसे हैं आप सब मैं आप सभी भाई बंधुओं का आज के इस लेख में स्वागत करता हूं ।

आज हम बात करेंगे बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक के बारे में जो इस प्रकार है कि पास्को एक्ट क्या है, पास्को एक्ट की सजा क्या है, पास्को एक्ट में कौन सी धारा लगती है, पास्को एक्ट में जमानत का क्या प्रावधान है

आदि ऐसे ही कई अन्य सवालों से जुड़ी जानकारियों को आज हम इस लेख के माध्यम से आपके सामने विस्तार पूर्वक व सरल भाषा में प्रस्तुत करने जा रहे हैं साथियों हमारे साथ ऐसे ही अंत तक बने रहिए जिससे कि आपको पास्को एक्ट के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी प्राप्त हो सके।

आज के समय में यह नारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ उन परिवार वालों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है जिनके परिवार में बेटियां हैं जिसका प्रमुख वजह यह है कि देशभर के विभिन्न हिस्सों में अबोध और नाबालिक बच्चों के साथ यौन शोषण बलात्कार अथवा उनकी हत्या के अपराध दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं

एक छोटी सी जनगणना से यह पता चला है कि देश में रोजाना 100 से 130 बच्चे इस तरह के अपराध से पीड़ित हो रहे हैं जिसे रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय और सरकार ने योन शोषण अपराधों से बच्चों की सुरक्षा के लिए पॉक्सो एक्ट अधिनियम एक्ट बनाया और पहले के मुकाबले अपराधी के कठोर से कठोर सजा और साथ ही मौत की सजा भी देने का फैसला किया है

 

आज के युग में हम सभी को यह हर रोज सुनने में और देखने में आता है की किसी बच्चे के साथ यौन शोषण से पीड़ित की खबर आती है आज बच्चों का यौन शोषण एक सामुदायिक चिंता का विषय बन चुका है लेकिन हमारे देश में इस बाल यौन शोषण को रोकने के लिए क्या कोई प्रावधान मौजूद है

या नहीं और इसके लिए कई विधाई और व्यवसायिक पहलू पर सबका ध्यान केंद्रित किया गया है पूरे भारत की जनसंख्या की बात करें तो लगभग 37 परसेंट हिस्सा बच्चों का है

और विश्व भर में कुल जनसंख्या 20 परसेंट बच्चों का माना जाता है इसी क्रम में कई सालों से इस प्रयास में कोशिश जारी है कि बाल यौन शोषण को किस तरह पूर्ण रूप से रोका जाए इसी अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 पॉक्सो एक्ट अधिनियम एक प्रचलित और ऐतिहासिक कानून बनाया गया है 2012 से पहले बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर कोई खास नियम कानून नहीं था 

2012 में सरकार की ओर से बनाए गए इस बाल यौन शोषण के तहत अलग-अलग प्रकृति के अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है जिसका सख्ती से पालन किया जाना भी सुनिश्चित किया गया है

तो आइए जानते है की पॉक्सो एक्ट क्या है ?

पॉक्सो एक्ट क्या है?What is POCSO Act?

पास्को एक्ट  (POCSO ACT)अधिनियम व कानून में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने साल 2012 में पास्को एक्ट 2012 के नाम से बनाया गया था इस पासपोर्ट एक्ट कानून के जरिए नाबालिक बच्चों के प्रति यौन शोषण उत्पीड़न यौन शोषण और पोर्नोग्राफी जैसे यौन अपराधों और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है इस कानून में अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग सजा निर्धारित की गई है

यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला के बाल यौन शोषण के मामलों में विवादास्पद निर्णयों के बाद चर्चा में रहा है। 2019 में वापस, POCSO अधिनियम ने तब रुचि पैदा की जब इसमें एक संशोधन किया गया था जब 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर यौन उत्पीड़न के साथ-साथ यौन उत्पीड़न के लिए न्यूनतम सजा को 10 से बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया था, जिसे आजीवन कारावास या मृत्यु तक बढ़ाया जा सकता है।

विशेष रूप से, यह कानून एक बच्चे के यौन उत्पीड़न को मान्यता देता है जिसमें स्पर्श शामिल है, और वह भी जो (धारा 11 और 12) नहीं करता है, जैसे कि पीछा करना, बच्चे को खुद को उजागर करना या बच्चे के सामने खुद को उजागर करना, और इसी तरह।

POCSO अधिनियम विशेष रूप से धारा 13, 14 और 15 के तहत बच्चों को बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM, जिसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी भी कहा जाता है) बनाने के लिए उजागर करने या उनका उपयोग करने के लिए कड़ी सजा देता है।

जबकि POCSO स्पष्ट रूप से ग्रूमिंग को मान्यता नहीं देता है, विशेषज्ञों का कहना है कि अधिनियम की धारा 11 की व्याख्या इसे पहचानने और इसे अपराधी बनाने के लिए की जा सकती है। ग्रूमिंग में बच्चे के साथ व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन संबंध स्थापित करना, संबंध बनाना शामिल है ताकि बच्चे के साथ ऑनलाइन या ऑफलाइन यौन संपर्क को सुविधाजनक बनाया जा सके, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (बी) इसे अपराधी बनाती है।

पॉक्सो एक्ट का पूरा नाम Full name of POCSO Act

पॉक्सो एक्टप्रोटेक्शन  ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट .

POCSO – THE PROTECTION OF CHILDREN FROM SEXUAL OFFENCES ACT

पॉक्सो एक्ट अधिनियम कहां पर लागू होते हैं?Where are the POCSO Act Acts applicable?

 नाबालिक बच्चों के शरीर कि किसी भी शरीर के अंग में लिंग या कोई भी अन्य चीज डालना यौन शोषण की श्रेणी में आता है इसके पश्चात नाबालिक के साथ सेक्सुअल इंटरकोर्स यौन शोषण और पोर्नोग्राफी योन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है

अर्थात अगर बच्चा शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार है या बच्चे के साथ यौन शोषण करने वाला सैनिक सरकारी अधिकारी क्या कोई ऐसा व्यक्ति है जिस पर बच्चा भरोसा करता है जैसे रिश्तेदार पुलिस अफसर टीचर या डॉक्टर तो इसे और संगीन और कठोर अपराध माना जाता है

इसके पश्चात अगर कभी कोई व्यक्ति किसी नाबालिक लड़की को हारमोंस के इंजेक्शन देता है जिससे वक्त से पहले ही उनके शरीर में बदलाव हो सके तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO ACT)अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया जाता है

पॉक्सो एक्ट में सजा क्या है ?What is the punishment under POCSO Act?

पॉक्सो एक्ट के तहत जिस प्रकार का घनघोर अपराध होता है सजा भी उसी प्रकार से कड़ी से कड़ी होती है यानी कि जो यह अपराध करता है उसे कम से कम 10 साल का कारावास हो सकती है जो बढ़ाकर उम्र कैद भी कर दी जा सकती है

बच्चों के पूर्ण ग्राफिक मटेरियल रखने पर 3 साल तक का कारावास और जुर्माना सहित दंड भोगी हो सकता है 2018 में ही केंद्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में पॉक्सो एक्ट में कुछ अहम बदलाव किए हैं जिसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी 12 साल से कम उम्र की पक्षियों के साथ रेप का दोषी 

पाया जाता है तो उसे मौत की सजा दे दी जा सकती है

मोदी सरकार की कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि दोषियों को मौत की सजा दे दी जाएगी बैठक में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट में बदलाव प्रस्ताव रखी गई इसके अंतर्गत 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ किया गया दुष्कर्म बलात्कार को दोषी को मौत की सजा देने के लिए कैबिनेट के मोहर लगाने का प्रस्ताव रखा हां था इसको बाद में कैबिनेट ने इस फैसले पर

 अपनी मुहर लगा दी 

पॉक्सो एक्ट(POCSO ACT) के अंतर्गत होने वाले अपराध के प्रावधानों की बात की जाए तो दोषियों को अधिकतम उम्र कैद की सजा और न्यूनतम सजा 7 साल की कारावास दी गई है

पॉक्सो का उपयोग कब किया जाता है?

जब भी किसी बच्चे के खिलाफ यौन अपराध किया जाता है, तो पुलिस द्वारा पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में पॉक्सो अधिनियम की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। जबकि विशेष कानून आईपीसी को ओवरराइड करते हैं, दोनों की धाराओं का अक्सर प्राथमिकी में उल्लेख किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक प्राथमिकी आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक आरोपी को बुक करेगी।

POCSO के तहत सजा IPC की तुलना में अधिक कठोर है

पॉक्सो एक्ट में बचने के उपाय क्या है ?What are the remedies under POCSO Act?

पोक्सो एक्ट मैं बचने के कोई भी उपाय नहीं है हालांकि अगर यह साबित हो जाता है कि पीड़ित पीड़िता की उम्र सीमा 18 से ज्यादा है तब ही इस धारा को हटाया जा सकता है अन्यथा किसी भी रूप में इस पास्को एक्ट को ना हटाया जा सकता है ना ही आप इस पॉक्सो एक्ट मैं होने वाले सजा से बच सकते हैं

पॉक्सो एक्ट में पीड़ित की मेडिकल जांच Medical examination of victim under POCSO Act

इस बात की जानकारी आपको प्राप्त करा दें कि 500 ऐप में पीड़ित की मेडिकल जांच 24 घंटों के अंदर बाल कल्याण समिति के सामने लाया जाए रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस की जवाबदेही है जिससे पीड़ित की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाया जा सके

और साथ ही पीड़ित बच्चे की जल्द से जल्द मेडिकल जांच करवाना भी अनिवार्य है यह मेडिकल जांच बच्चे के माता पिता या किसी अन्य भरोसेमंद व्यक्ति पड़ोसी रिश्तेदार की उपस्थिति में किया जाएगा जिस किसी पर बच्चे का विश्वास हो और अगर पीड़ित स्त्री है तो पीड़ित की मेडिकल जांच महिला चिकित्सक द्वारा ही की जानी चाहिए

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पॉक्सो एक्ट में क्या बदलाव हुए हैं?What are the changes in POCSO Act?

अभी पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत पाए जाने वाले दोषियों को मौत की सजा देने का प्रावधान कर दिया गया है इस एप्स के अंतर्गत यह कहा गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति चाइल्ड पॉर्नोग्राफी को बढ़ावा देता है तो उसके लिए पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी से कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है

इस एक्ट की धारा में संशोधन किया गया है धारा 4, धारा 5, धारा 6, धारा 9, धारा 14, धारा 15, और धारा 42 में किया गया है धारा 5 और धारा 6 में संशोधन के बाद अब इस एक्ट के तहत पाए जाने वाले अपराधी को मौत की सजा दी जा सकती है

पॉक्सो एक्ट अधिनियम की प्रमुख विशेषताएं। POCSO Act Salient Features of the Act.

  • पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों को 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के रूप में परिभाषित किया गया है
  • पॉक्सो एक्ट मैं अपराध और अपराधियों के शिकार पुरुष महिला या तीसरे लिंग हो सकते हैं
  • पॉक्सो एक्ट के तहत योन सहमति की उम्र 16 साल से बढ़ाकर 18 साल तक कर दिया गया है
  • पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत यह प्रतिपादित किया गया है कि यौन शोषण में शामिल शारीरिक संपर्क हो सकता है या शारीरिक संपर्क नहीं भी हो सकता है
  • पॉक्सो एक्ट अधिनियम के तहत पीड़ित बच्चे के बयान को दर्ज करते समय और विशेष अदालत द्वारा बच्चे के बयान के दौरान जांच एजेंसी द्वारा विशेष प्रक्रियाओं का पालन करता है
  • पॉक्सो एक्ट में सभी के लिए पुलिस को रिपोर्ट करना अनिवार्य है जो व्यक्ति रिपोर्ट दाखिल नहीं करवाता उसके खिलाफ दंड का प्रावधान शामिल किया गया है
  • इस अधिनियम में यह सुनिश्चित करने के प्रावधान हैं की एक बच्चे की पहचान जिसके खिलाफ यौन अपराध किया गया है वह मीडिया द्वारा खुलासा नहीं किया जाएगा
  • पीड़ित बच्चे अपने पसंद से मुफ्त कानूनी सहायता के वकील द्वारा कानूनी प्रतिनिधित्व के हकदार होते है

निष्कर्ष

आज हमने इस लेख के माध्यम से आप सभी तक बहुत ही महत्वपूर्ण एक्ट के बारे में जानकारी प्राप्त कराने की कोशिश की गई है हम आशा करते हैं हमारा यह लेख आप सभी साथियों को पसंद आया होगा।

अगर आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो और आप कानून व्यवस्था से जुड़ी, सीआरपीसी से जुड़ी, आईपीसी से जुड़ी तथा अन्य किसी भी धारा की जानकारी चाहिए तो आप हमें हमारे कमेंट बॉक्स में बेझिझक होकर कमेंट कर सकते हैं

आपके सवालों के अनुसार ही हमारा अगला आर्टिकल निर्धारित होगा हम आपके आभारी होंगे और अगर आप हमसे कोई सवाल पूछते हैं और हम आपको उस सवाल का उत्तर देकर आप को संतुष्ट कर सकते हैं तो यह हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात होगी।

हमारे साथ अंत तक बने रहने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद ????

5 thoughts on “पास्को एक्ट क्या है? What is POCSO Act? 1 पूरी जानकारी”

  1. कृपया सुझाव दीजिये,, 15साल की उम्र से एक लड़का, एक लड़की की दोस्ती से ही सब कुछ स्किन से स्किन 25साल की उम्र तक होता आ रहा हो,, और 25साल के उम्र के बाद दोनों में झगड़ा हो जाने पर लड़की , लड़के के ऊपर पुलिस केश करके pocso धारा लगाने के बाद,, कैसे बचा जा सकता है,,

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  2. Sir y btaiy k agr ksi p jhuta Aarop lga Ho chedchad tezaab dhamki mansik roop s preshan krna aur Pasco lg gyi h t jis wkt y cese hua us wkt 17 umar thi aur ab wo cese kaise khatm kiya jay plzzzz Sir btaiyy

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