आईपीसी की धारा 411 क्या है पूरी जानकारी

आईपीसी की धारा 411 क्या है ?

कैसे है आप सब मेरे प्यारे साथियों आप सभी को मेरा सादर प्रणाम, दोस्तों आज हम आप सभी को आईपीसी की धारा से जुड़ी एक और धारा के बारे में अवगत कराने जा रहे हैं जोकि इस प्रकार है 

जैसे

आईपीसी की धारा 411 क्या है, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 411 किस तरह से अप्लाई होती है, भारतीय दंड संहिता की धारा 411 में सजा का क्या प्रावधान है, आईपीसी की धारा में जमानत का क्या प्रावधान है,

दोस्तों जैसे कि कभी कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति की संपत्ति, वस्तु, स्थान इत्यादि को जबरन हड़पने की कोशिश करता है और उस संपत्ति को जप्त करने के बाद उस संपत्ति, वस्तु इत्यादि पर अपना अधिकार दिखाते हुए उसे अपना बताने का प्रयत्न करने लगता है जबकि वह चोरी की हुई संपत्ति होती है

तो ऐसी किसी पर जो व्यक्ति ऐसे अपराध को अंजाम दे देते हैं उन पर किस प्रकार से मुकदमा दायर किया जा सकता है, तथा किन-किन कारण से उस पर मुकदमा लग सकता है इन सभी से जुड़ी धाराओं के बारे में आज के इस लेख में हम सम्पूर्ण रूप से जानेंगे। 

और इस धारा का ज्ञान होना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि जब हमें कानून का पता होगा तभी हम अपने घर, परिवार, अपनी संपत्ति, अपने स्थान की सुरच्छा व हिफाजत और अपना अधिकार दिखा सकते हैं। 

इस आईपीसी की धारा 411 के तहत किस प्रकार हम हमारी संपत्ति को सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं और इसके साथ ही किसी भी प्रकार का गलत कार्य हो रहा हो संपत्ति के विरुद्ध तो या धारा किस तरह से लगाया जा सकता है इस लेख के जरिए हम आपको जानकारियों से अवगत कराएंगे

साथियों आप हमारे साथ ऐसे ही अंत तक बने रहिए जिससे कि मैं आपको सरल व आसान शब्दों में आईपीसी की धारा 411 क्या है यह बता सकूं और आप संपूर्ण रुप से मेरी जानकारियों से संतुष्ट हो सके

आईपीसी की धारा 411 क्या है (what is IPC section 411)

भारतीय दंड संहिता की धारा 411 के तहत जो कोई भी किसी की भी चुराई हुई संपत्ति अथवा जबरन हड़पने की कोशिश करता है और उस पढ़ती हुई वस्तु संपत्ति इत्यादि को अपना अधिकार जमाते हुए बेईमानी से प्राप्त करता है या बरकरार रखता है

तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा आईपीसी की धारा 411 के तहत दे दी जाती है और इस एक वर्ष कारावास की अवधि को जिसे 3 वर्ष तक भी बढ़ाया जा सकता है और उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है या उस अपराधी को आर्थिक व कारावास दोनों दंडो से दंडित किया जा सकता है

???? आसान भाषा में इस धारा को प्रकाशित करें दो जैसे कभी कोई व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के जमीन घर वस्तु संपत्ति इत्यादि को कोई व्यक्ति अगर यह जानते हुए की यह जमीन मेरी नहीं है

और उस जमीन को वह व्यक्ति गुंडागर्दी से मारपीट करके बेईमानी से अथवा जबरन हड़पने की कोशिश करता है और उस चोरी अथवा हड़पी हुई संपत्ति को अपना हक जमाते हुए उसे बरकरार रखता है

तो जिस व्यक्ति की संपत्ति है वह व्यक्ति अगले व्यक्ति के ऊपर जिसने उसकी संपत्ति को हड़पा है उस बेईमान इंसान के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है और यह मामला कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है और उस व्यक्ति पर मुकदमा चलाया जाता है और उसे कारावास व आर्थिक दंड से दंडित किया जाता है

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भारतीय दंड संहिता, आईपीसी की धारा 411 में सजा का क्या प्रावधान है

कोई भी व्यक्ति अगर ऐसे मामलों में अपराधी माना जाता है तो उस व्यक्ति पर आईपीसी की धारा 411 के तहत मुकदमा चल रहा है या उस पर लगे अपराध न्यायालय में साबित हो जाते हैं

(कि उसने यह जुर्म किया है) तो उस व्यक्ति को 3 वर्ष का कारावास की सजा दे दी जाती है और उस पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है या उस व्यक्ति को दोनों (आर्थिक व कारावास) दंडो से दंडित किया जा सकता है 

अगर वह व्यक्ति भविष्य में कभी इस जुर्म तथा अपराध को दोबारा करने का प्रयत्न करता है तो उस व्यक्ति की सजा बढ़ाया जा सकता है तथा उस व्यक्ति को आर्थिक दंड दोबारा भुगतना पड़ सकता है। 

आईपीसी की धारा 411 में जमानत का क्या प्रावधान है ?

यह एक गैर जमानती धारा है तथा मजिस्ट्रेट द्वारा इस पर विचार किया जाता है अगर अपराध पीड़ित व्यक्ति जिसकी संपत्ति जबरन हड़पी गई है अगर वो इस मामले के बारे में विचार – विमर्श करके समझौता करना चाहता है तो अपराध किया हुआ व्यक्ति इस सजा से बच सकता है

????Note

कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को या खुद आपको जबरन संपत्ति हड़पने के मामले में आपके ऊपर मुकदमा दायर करवा देता है तो अर्थात आपने कोई जुर्म नहीं किया है आप बेगुनाह है और आप पर आईपीसी की धारा 411 लगाई गई है

तो आप अपने बचाव पक्ष के लिए अपने आसपास से जुड़े इलाको के अच्छे से अच्छे वकील साहब के साथ जिसने कभी ऐसे मामलों को हैंडल किया है और बेकसूर व्यक्ति को न्याय दिलाया हो उस वकील साहब के साथ सलाह मशवरा कर अपने खिलाफ सबूत न्यायालय में पेश कर सकते हैं

ताकि न्यायालय सबूतों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए आपके ऊपर लगाए गए सारे जुर्म को खारिज करते हुए आप को बाइज्जत बरी कर दें क्योंकि यह फैसला कोर्ट में कोई भी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा सकता है

 

इसलिए अगर आप अपने ऊपर लगाए गए जुर्म तथा धारा से बचना चाहते हैं तो आपको अपने आप को बेगुनाह साबित करना अत्यंत आवश्यक होता है। 

निष्कर्ष

साथियों आज के इस लेख के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण धारा के बारे में जानकारियों से अवगत कराया गया है 

जैसे कि आईपीसी की धारा 411 क्या है, आईपीसी की धारा 411 में कौन से प्रावधान है, किन अपराधों में आईपीसी की धारा 411 लगाई जाती है, तथा इसके साथ ही इसमें दंड स्वरूप आर्थिक मुआवजा भी देना पड़ सकता है इन सभी सवालों से जुड़ी जानकारी को हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से तथा सरल शब्दों में आप तक पहुंचाने का पूरा प्रयास किए हैं

अगर आपको आईपीसी, सीआरपीसी तथा कानून से जुड़ी या आईपीसी धारा 411 से जुड़ी किसी भी प्रकार का आपके मन में कोई भी सवाल किसी भी प्रकार की शंका हो तो आप हमें बेझिझक होकर हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं जिससे आपके सवालों का जवाब हम जल्द से जल्द पूरी इमानदारी से देने का प्रयास करेंगे ।

 

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✍️धन्यवाद????

9 thoughts on “आईपीसी की धारा 411 क्या है पूरी जानकारी”

  1. आदरणीय अधिवक्ता महोदय मैं आपसे पब्लिक प्रॉब्लम के बारे में कुछ जानकारी चाहता हूं आईपीसी सेक्शन 411 412 413 379 120 इन धाराओं का दुरुपयोग कर पुलिस विभाग व्यापारियों से चौथ वसूली करने जैसे कई कार्य कर रही है इसके मेरे पास काफी तरह से रिसर्च किया हुआ डाटा एकत्रित हैं आपसे अनुरोध करता हूं अगर इस विषय में आपको जानकारी हो तो कृपया मुझसे संपर्क करें
    प्रेम प्रकाश सोनी महामंदिर जोधपुर
    9461780000

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  2. Dear sir, mane lock down me ek se mobile liya tha or mane us pr yakin krke usse bill nhi manga usne btaya tha ki lock down ki vjah se mare bhai ne shop bnd kr di ab jb police inquiry aai tb muje malum pda ki phone chori ka tha to mane us phone police ke paas jama krva diya or mere document unko de diye kiya meri is inquiry me kuch help ho skti h

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